बोरे बासी खाने में भाजपाईयों को शर्म क्यों आती है?-कांग्रेस

 


  • भाजपा को छत्तीसगढ़ की संस्कृति खानपान से इतनी नफरत क्यों?

रायपुर/01 मई 2023। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि बोरे बासी खाने में भाजपाईयों को शर्म क्यों आती है? भाजपा को छत्तीसगढ़ की संस्कृति खानपान से इतनी नफरत क्यों? श्रम दिवस के अवसर पर श्रमिकों के सम्मान में पूरा प्रदेश बोरे बासी खाकर छत्तीसगढ़ की संस्कृति खान-पान का उत्सव मना रहे है। लेकिन भाजपाई बोरे बासी का उपहास उड़ा कर एक बार और अपने छत्तीसगढ़िया विरोधी चरित्र को प्रदर्शित किया है। सोशल मीडिया में भाजपा और भाजपा से जुड़े लोगों ने सिर्फ बोरे बासी की बुराई की है। किसी भी भाजपा के बड़े नेता ने बोरे बासी खाते हुए अपनी तस्वीर शेयर नहीं की है, बल्कि उपहास उड़ाते टीका टिप्पणी और कमेंट करने का काम किया है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि असल मायने में भाजपा पूंजीपतियों की पार्टी है इसीलिए उन्हें बोरे बासी खाने में शर्म महसूस होता होगा। भाजपा यह भूल जाती है कि छत्तीसगढ़ के गांव-गांव में सुबह का प्रिय और पौष्टिक भोजन बासी ही है जिसे खाकर किसान खेतों में हल चलाने जाता है, मजदूर मजदूरी करने जाता है, चरवाहा पशुधन को चराने जाता है, बच्चे बासी खाकर स्कूल जाते हैं और युवा बासी खाकर हाथ में बासी टिफिन लेकर कामकाज में जाते हैं। ऐसे में भाजपा के द्वारा बोरे बासी खाने वालों को लेकर की जा रही अशोभनीय टिप्पणी पूरे छत्तीसगढ़ीयो का अपमान है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि 15 साल के रमन भाजपा शासनकाल के दौरान छत्तीसगढ़ की संस्कृति परंपरा तीज त्यौहार यहां पर खान-पान विलुप्त हो चुका था, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति परंपरा तीज त्यौहार खानपान को पुनर्जीवित करने काम किया है और सरकारी तौर इसका आयोजन किया है। हरेली तिहार, अक्ति में माटी पूजा दिवस, गोवर्धन पूजा, तीजा पोरा, विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी नृत्य महोत्सव, कर्मा जयंती, पुन्नी मेला सहित तमाम प्रकार के जो सांस्कृतिक आयोजन है सरकार जनता के साथ मिलकर उसे मना रही है ।