Strike : 6 दिसंबर से प्रदेश के स्कूलों में लटकेंगे ताले, गुस्से में छत्तीसगढ़ के 1 लाख शिक्षक।

6 दिसंबर से स्कूल में काम बंद करने का ऐलान; 

वेतन और प्रमोशन में नियमों की अनदेखी नाराज शिक्षक जायेंगे हड़ताल पर।

स्कूल में काम बंद करने का ऐलान; वेतन और प्रमोशन में नियमों की अनदेखी से नाराजगी।

विगत दिनों छत्तीसगढ़ सरकार ने शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को हरिझंडी दिखाई थी।


रायपुर। छत्तीसगढ़ के लगभग एक लाख से अधिक शिक्षक आने वाले दिनों में सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू करने वाले हैं। इसे लेकर छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन ने एक बड़ा ऐलान किया है। फेडरेशन के मुताबिक 6 दिसंबर से सभी सहायक शिक्षक हड़ताल पर चले जाएंगे। स्कूलों में किसी तरह का काम नहीं होगा। प्रदेश के लगभग हर जिले की स्कूल में ताला भी लगा दिया जाएगा।

रविवार को कलेक्ट्रेट गार्डन में इसे लेकर फेडरेशन के प्रतिनिधियों ने बैठक की। यहीं हड़ताल के जरिए शिक्षकों ने सरकार को झुकाने की रणनीति पर चर्चा की। छत्तीसगढ़ के हर ब्लॉक और जिले में जोरदार प्रदर्शन की तैयारी चल रही है। शिक्षकों ने तय किया है कि टीचर्स के अलग-अलग संगठनों को मिलाकर हड़ताल के लिए एक नया मंच तैयार किया जा रहा है। उसी के बैनर तले राज्य के सभी शिक्षक आंदोलन करेंगे। यह आंदोलन अनिश्चितकालीन होगा। जब तक सरकार इनकी मांगे मान नहीं लेती तब तक शिक्षक हड़ताल पर ही रहेंगे। 15 सदस्यों का एक प्रदेश संयोजक मंडल तैयार किया जाएगा जो सरकार से शिक्षकों की मांग पर बात करेंगे।

इन मांगों पर बवाल

शिक्षकों ने बताया कि हर सरकारी कर्मचारी का एक तय समय सीमा में प्रमोशन होता है। शिक्षक वर्ग तीन से वर्ग दो में प्रमोट किए जाते हैं। यदि प्रमोशन मिलता है तो 10 से 12 हजार रुपए अधिक वेतन में जुड़ते हैं। नियम ये है कि यदि प्रमोशन नहीं होता तो कर्मचारी को सरकार उस प्रमोशन के स्तर का वेतन देती है।


शिक्षकों का दावा है कि बहुत से कर्मचारियों को न प्रमोशन मिला है न प्रमोशन के स्तर का वेतन। सभी चाहते हैं कि इस मांग पर गौर किया जाए। इसके अलावा शिक्षाकर्मियों का शिक्षा विभाग में संविलियन किया गया। साल 2018 के संविलियन के बाद से पुराने कर्मचारियों को भी साल 2018 से ही कर्मचारी माना जा रहा है। इससे पेंशन और सीनियारिटी का फायदा शिक्षकों को नहीं मिल रहा।शिक्षकों के आंदोलन की चेतावनी से पालको में आक्रोश, जंहा वैश्विक कोरोना महामारी के चलते स्कूलों में ताले लटके हुए रहे ले देकर स्कूल शुरुआत हुआ , लेकिन शिक्षकों के आंदोलन पर जाने से बच्चों की शिक्षा की स्तर में होगी गिरावट जबकि साल लगभग खत्म होने की कगार पर है।